निरामिष शाकाहार पहेली 2012 - परिणाम
निरामिष ब्लॉग की पहली वर्षगांठ के अवसर पर हमने आपका आभार व्यक्त करने के लिये एक छोटी सी शाकाहार प्रहेलिका का आयोजन किया था। आइये, आज एक नज़र डालें निरामिष पहेली के परिणामों पर।
यह किसकी आवाज़ है? भारतीय सिने जगत से जुड़ी यह अभिनेत्री जन्म से मांसाहारी थी। अपने परिवार, आस-पड़ोस में इन्होंने पशुहत्या और मांसाहार ही होते देखा था। लेकिन जैसे ही इन्हें अवसर मिला, इस हस्ती ने अहिंसा और दया के महत्व को पहचाना और शाकाहारी जीवन अपनाया।
उत्तर: पाकिस्तान में जन्मी अभिनेत्री वीना मलिक ने अपने देश में सदा जीवहत्या का वातावरण ही देखा परंतु भारत से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अहिंसा और शाकाहार को अपनाया बल्कि अब वे शाकाहार जागृति अभियानों से भी जुड़ीं हैं।
प्रश्न 2: निरामिष चित्र
इस चित्र में अमेरिका में अहिंसक परिवर्तन के प्रणेता, प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता और गांधीवादी मार्टिन लूथर किंग जूनियर के आगे खड़ी ये प्रसिद्ध शाकाहारी अमेरिकी महिला कौन हैं और किस कार्य के लिये विश्वप्रसिद्ध हैं?
उत्तर: अमेरिका के अनेक नगरों की तरह मॉंटगुमरी के नियमों के अनुसार बसों की सीटें श्वेत यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें होती थी। यदि श्वेत यात्री आये तो अश्वेत यात्रियों को सीट खाली करनी होती थी। मनुष्यों में भेदभाव करने वाले कानून को रोकने के लिये दृढप्रतिज्ञ रोज़ा पार्क्स ने 1 दिसम्बर 1955 को एक बसयात्रा में अपनी सीट एक श्वेत यात्री के लिए खाली करने से मना किया और गिरफ़्तार हुईं और उन पर 10 डॉलर का जुर्माना लगा। मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नेतृत्व में काले कानून का अहिंसक विरोध होता रहा और 40,000 से अधिक अश्वेतों ने 381 दिनों तक बसों का अहिंसक बहिष्कार किया। 20 दिसंबर 1956 में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इस भेदभाव का अंत हुआ। और उसकी नायिका बनीं, शाकाहारी सामाजिक कार्यकर्ता रोज़ा पार्क्स। सन 2005 में अपनी मृत्यु तक वे नागरिक अधिकारों के लिए काम करती रहीं।
प्रश्न 3: वैदिक यज्ञ
यज्ञ की अग्नि में अन्न व औषधियों की समिधा देने वाले हमारे ऋषि-मुनियों ने पशुबलि में लिप्त रहे समुदायों के उत्थान और समन्वयीकरण के उद्देश्य से कई निरामिष यज्ञों में अन्न का बना पशु भी प्रयोग किया। विभिन्न प्रकार के अन्न यथा जौ, चावल, तिल के साथ अन्य पदार्थ गुड़, सोमरस, घी आदि मिलाकर बने वास्तविक जैसे लगने वाले यज्ञ-पशु को क्या कहते हैं?
उत्तर: ऐतरेय ब्राह्मण की कथा में वर्णन है कि देवताओं ने मेधा को ढूंढना आरम्भ किया तो उसे पृथ्वी से अन्न के रूप में उगता पाया। उसी ग्रंथ में अग्निहोत्र के लिये अन्न से यज्ञ पशु बनाने की विधि का विस्तृत वर्णन है। अन्न से बने इस यज्ञपशु को पुरोडाश कहा गया है। विभिन्न मिट्टी के कपाळ (खपटे) पर रखकर यज्ञों में देवताओं के लिये पुरोडाश पकाया जाता था। पुरोडाश के लिये पीसे गये अन्न को पिष्ट (पिट्ठी) कहने के कारण इसे पिष्ट पशु भी कहते हैं। मनु और श्रद्धा के एक सन्दर्भ में पाकयज्ञ स्थल पर मित्रावरुण देवों की उपस्थिति में ग्रीष्म ऋतु को अग्नि और शरद ऋतु को पुरोडाश माना गया है।
प्रश्न 4: पर्यावरण
मांसाहार पर्यावरण के लिये एक बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। इसके प्रमुख दुष्प्रभाव निम्न हैं
क) वन विनाश घ) जलवायु प्रदूषण ख) खाद्यान्न की कमी त) हिंसक प्रवृत्ति का सामान्यीकरण ग) बिजली और पानी की बर्बादी थ) मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है
उत्तर: मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है।
प्रश्न 5: स्वास्थ्य
शरीर में, प्रयोगशाला में और मृदा में पाये जाने वाले बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित विटामिन बी12 के प्रमुख ज्ञात शाकाहारी स्रोत निम्न हैं:
क) पनीर घ) मट्ठा ख) दूध त) T-6635+ खमीर ग) दही थ) उपरोक्त सभी
उत्तर:विटामिन बी12 बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित होता है और प्राणियों के पाचन तंत्र के अतिरिक्त उपरोक्त सभी शाकाहारी तत्व भी विटामिन बी12 के ज्ञात स्रोत हैं।
प्रश्न 6: क्रीड़ा, स्पोर्ट्स
1 अप्रैल 1911 को जलन्धर, भारत में जन्मे शतायु मैराथन धावक सन् 1992 से लंडन में रहते हैं। उनकी जीवनी का शीर्षक "द टर्बन्ड टॉर्नेडो" है। अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत का यह शाकाहारी नायक दाल, सब्ज़ी, और फुल्कों के अतिरिक्त दूध, दही और सोंठ का मुरीद हैं। 5 फ़ुट 11 इंच ऊंचाई और 52 किलो भार वाले इस शाकाहारी शतायु युवा धावक का नाम क्या है?
उत्तर: विश्व के सबसे उम्रदराज़ मैराथन धावक फ़ौजा सिंह शुद्ध शाकाहारी हैं। उनके बारे में विस्तृत जानकारी निरामिष के आलेख "चैम्पियन शतायु धावक" में उपलब्ध है।
(निवेदक: निरामिष सम्पादक मंडल)
प्रथम निरामिष शाकाहार पहेली - सवालों पर एक पुनर्दृष्टिप्रश्न 1: निरामिष स्वर
यह किसकी आवाज़ है? भारतीय सिने जगत से जुड़ी यह अभिनेत्री जन्म से मांसाहारी थी। अपने परिवार, आस-पड़ोस में इन्होंने पशुहत्या और मांसाहार ही होते देखा था। लेकिन जैसे ही इन्हें अवसर मिला, इस हस्ती ने अहिंसा और दया के महत्व को पहचाना और शाकाहारी जीवन अपनाया।
उत्तर: पाकिस्तान में जन्मी अभिनेत्री वीना मलिक ने अपने देश में सदा जीवहत्या का वातावरण ही देखा परंतु भारत से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अहिंसा और शाकाहार को अपनाया बल्कि अब वे शाकाहार जागृति अभियानों से भी जुड़ीं हैं।
प्रश्न 2: निरामिष चित्र
इस चित्र में अमेरिका में अहिंसक परिवर्तन के प्रणेता, प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता और गांधीवादी मार्टिन लूथर किंग जूनियर के आगे खड़ी ये प्रसिद्ध शाकाहारी अमेरिकी महिला कौन हैं और किस कार्य के लिये विश्वप्रसिद्ध हैं?
उत्तर: अमेरिका के अनेक नगरों की तरह मॉंटगुमरी के नियमों के अनुसार बसों की सीटें श्वेत यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें होती थी। यदि श्वेत यात्री आये तो अश्वेत यात्रियों को सीट खाली करनी होती थी। मनुष्यों में भेदभाव करने वाले कानून को रोकने के लिये दृढप्रतिज्ञ रोज़ा पार्क्स ने 1 दिसम्बर 1955 को एक बसयात्रा में अपनी सीट एक श्वेत यात्री के लिए खाली करने से मना किया और गिरफ़्तार हुईं और उन पर 10 डॉलर का जुर्माना लगा। मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नेतृत्व में काले कानून का अहिंसक विरोध होता रहा और 40,000 से अधिक अश्वेतों ने 381 दिनों तक बसों का अहिंसक बहिष्कार किया। 20 दिसंबर 1956 में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इस भेदभाव का अंत हुआ। और उसकी नायिका बनीं, शाकाहारी सामाजिक कार्यकर्ता रोज़ा पार्क्स। सन 2005 में अपनी मृत्यु तक वे नागरिक अधिकारों के लिए काम करती रहीं।
प्रश्न 3: वैदिक यज्ञ
यज्ञ की अग्नि में अन्न व औषधियों की समिधा देने वाले हमारे ऋषि-मुनियों ने पशुबलि में लिप्त रहे समुदायों के उत्थान और समन्वयीकरण के उद्देश्य से कई निरामिष यज्ञों में अन्न का बना पशु भी प्रयोग किया। विभिन्न प्रकार के अन्न यथा जौ, चावल, तिल के साथ अन्य पदार्थ गुड़, सोमरस, घी आदि मिलाकर बने वास्तविक जैसे लगने वाले यज्ञ-पशु को क्या कहते हैं?
उत्तर: ऐतरेय ब्राह्मण की कथा में वर्णन है कि देवताओं ने मेधा को ढूंढना आरम्भ किया तो उसे पृथ्वी से अन्न के रूप में उगता पाया। उसी ग्रंथ में अग्निहोत्र के लिये अन्न से यज्ञ पशु बनाने की विधि का विस्तृत वर्णन है। अन्न से बने इस यज्ञपशु को पुरोडाश कहा गया है। विभिन्न मिट्टी के कपाळ (खपटे) पर रखकर यज्ञों में देवताओं के लिये पुरोडाश पकाया जाता था। पुरोडाश के लिये पीसे गये अन्न को पिष्ट (पिट्ठी) कहने के कारण इसे पिष्ट पशु भी कहते हैं। मनु और श्रद्धा के एक सन्दर्भ में पाकयज्ञ स्थल पर मित्रावरुण देवों की उपस्थिति में ग्रीष्म ऋतु को अग्नि और शरद ऋतु को पुरोडाश माना गया है।
प्रश्न 4: पर्यावरण
मांसाहार पर्यावरण के लिये एक बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। इसके प्रमुख दुष्प्रभाव निम्न हैं
क) वन विनाश घ) जलवायु प्रदूषण ख) खाद्यान्न की कमी त) हिंसक प्रवृत्ति का सामान्यीकरण ग) बिजली और पानी की बर्बादी थ) मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है
उत्तर: मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है।
प्रश्न 5: स्वास्थ्य
शरीर में, प्रयोगशाला में और मृदा में पाये जाने वाले बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित विटामिन बी12 के प्रमुख ज्ञात शाकाहारी स्रोत निम्न हैं:
क) पनीर घ) मट्ठा ख) दूध त) T-6635+ खमीर ग) दही थ) उपरोक्त सभी
उत्तर:विटामिन बी12 बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित होता है और प्राणियों के पाचन तंत्र के अतिरिक्त उपरोक्त सभी शाकाहारी तत्व भी विटामिन बी12 के ज्ञात स्रोत हैं।
प्रश्न 6: क्रीड़ा, स्पोर्ट्स
1 अप्रैल 1911 को जलन्धर, भारत में जन्मे शतायु मैराथन धावक सन् 1992 से लंडन में रहते हैं। उनकी जीवनी का शीर्षक "द टर्बन्ड टॉर्नेडो" है। अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत का यह शाकाहारी नायक दाल, सब्ज़ी, और फुल्कों के अतिरिक्त दूध, दही और सोंठ का मुरीद हैं। 5 फ़ुट 11 इंच ऊंचाई और 52 किलो भार वाले इस शाकाहारी शतायु युवा धावक का नाम क्या है?
उत्तर: विश्व के सबसे उम्रदराज़ मैराथन धावक फ़ौजा सिंह शुद्ध शाकाहारी हैं। उनके बारे में विस्तृत जानकारी निरामिष के आलेख "चैम्पियन शतायु धावक" में उपलब्ध है।
प्रथम शाकाहार प्रहेलिका 2012 के पुरस्कारलगता है कि हमारी पहली पहेली कुछ ज़्यादा ही कठिन हो गयी थी। किसी भी पाठक ने सभी छः प्रश्नों का सही उत्तर नहीं दिया, इसलिये इस बार का प्रथम पुरस्कार अनक्लेम्ड रहा है। फिर भी हमें दो विजेता मिले हैं। शिल्पा मेहता ने चार सही उत्तर देकर तृतीय पुरस्कार और अभिषेक ओझा ने पाँच सही उत्तर देकर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया है। निरामिष सम्पादक मंडल की ओर से इन दोनों को हार्दिक बधाई और धन्यवाद!
प्रथम पुरस्कार: 2,500 रुपये की पुस्तकें और प्रमाणपत्र
द्वितीय पुरस्कार: 1,500 रुपये की पुस्तकें और प्रमाणपत्र
तृतीय पुरस्कार: 500 रुपये की पुस्तकें और प्रमाणपत्र
प्रथम शाकाहार प्रहेलिका 2012 के विजेताहमारे पाठक ही हमारे लिये असली विजेता हैं। आप सभी पाठकों का हार्दिक धन्यवाद! मकर संक्रांति, भोगाली बिहू, भोगी, सुग्गी, बोर नहान, तिलगुल, लोहड़ी, पोंगल, उत्तरायणी पर्व की हार्दिक बधाइयाँ!
तृतीय विजेता: शिल्पा मेहता
(500 रुपये की पुस्तकें, प्रमाणपत्र और निरामिष ब्लॉग पर लेखन का आमंत्रण)
द्वितीय विजेता: अभिषेक ओझा
(1,500 रुपये की पुस्तकें, प्रमाणपत्र और निरामिष ब्लॉग पर लेखन का आमंत्रण)
प्रथम पुरस्कार: कोई विजेता नहीं
(निवेदक: निरामिष सम्पादक मंडल)


