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शनिवार, 14 जनवरी 2012

शाकाहार पहेली 2012 के परिणाम

निरामिष शाकाहार पहेली 2012 - परिणाम निरामिष ब्लॉग की पहली वर्षगांठ के अवसर पर हमने आपका आभार व्यक्त करने के लिये एक छोटी सी शाकाहार प्रहेलिका का आयोजन किया था। आइये, आज एक नज़र डालें निरामिष पहेली के परिणामों पर।
प्रथम निरामिष शाकाहार पहेली - सवालों पर एक पुनर्दृष्टि
प्रश्न 1: निरामिष स्वर

यह किसकी आवाज़ है? भारतीय सिने जगत से जुड़ी यह अभिनेत्री जन्म से मांसाहारी थी। अपने परिवार, आस-पड़ोस में इन्होंने पशुहत्या और मांसाहार ही होते देखा था। लेकिन जैसे ही इन्हें अवसर मिला, इस हस्ती ने अहिंसा और दया के महत्व को पहचाना और शाकाहारी जीवन अपनाया।
उत्तर: पाकिस्तान में जन्मी अभिनेत्री वीना मलिक ने अपने देश में सदा जीवहत्या का वातावरण ही देखा परंतु भारत से जुड़ने के बाद उन्होंने न केवल अहिंसा और शाकाहार को अपनाया बल्कि अब वे शाकाहार जागृति अभियानों से भी जुड़ीं हैं।

प्रश्न 2: निरामिष चित्र
इस चित्र में अमेरिका में अहिंसक परिवर्तन के प्रणेता, प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता और गांधीवादी मार्टिन लूथर किंग जूनियर के आगे खड़ी ये प्रसिद्ध शाकाहारी अमेरिकी महिला कौन हैं और किस कार्य के लिये विश्वप्रसिद्ध हैं?
उत्तर: अमेरिका के अनेक नगरों की तरह मॉंटगुमरी के नियमों के अनुसार बसों की सीटें श्वेत यात्रियों के लिए आरक्षित सीटें होती थी। यदि श्वेत यात्री आये तो अश्वेत यात्रियों को सीट खाली करनी होती थी। मनुष्यों में भेदभाव करने वाले कानून को रोकने के लिये दृढप्रतिज्ञ रोज़ा पार्क्स ने 1 दिसम्बर 1955 को एक बसयात्रा में अपनी सीट एक श्वेत यात्री के लिए खाली करने से मना किया और गिरफ़्तार हुईं और उन पर 10 डॉलर का जुर्माना लगा। मार्टिन लूथर किंग जूनियर के नेतृत्व में काले कानून का अहिंसक विरोध होता रहा और 40,000 से अधिक अश्वेतों ने 381 दिनों तक बसों का अहिंसक बहिष्कार किया। 20 दिसंबर 1956 में अमरीकी सुप्रीम कोर्ट के आदेश से इस भेदभाव का अंत हुआ। और उसकी नायिका बनीं, शाकाहारी सामाजिक कार्यकर्ता रोज़ा पार्क्स। सन 2005 में अपनी मृत्यु तक वे नागरिक अधिकारों के लिए काम करती रहीं।

प्रश्न 3: वैदिक यज्ञ
यज्ञ की अग्नि में अन्न व औषधियों की समिधा देने वाले हमारे ऋषि-मुनियों ने पशुबलि में लिप्त रहे समुदायों के उत्थान और समन्वयीकरण के उद्देश्य से कई निरामिष यज्ञों में अन्न का बना पशु भी प्रयोग किया। विभिन्न प्रकार के अन्न यथा जौ, चावल, तिल के साथ अन्य पदार्थ गुड़, सोमरस, घी आदि मिलाकर बने वास्तविक जैसे लगने वाले यज्ञ-पशु को क्या कहते हैं?
उत्तर: ऐतरेय ब्राह्मण की कथा में वर्णन है कि देवताओं ने मेधा को ढूंढना आरम्भ किया तो उसे पृथ्वी से अन्न के रूप में उगता पाया। उसी ग्रंथ में अग्निहोत्र के लिये अन्न से यज्ञ पशु बनाने की विधि का विस्तृत वर्णन है। अन्न से बने इस यज्ञपशु को पुरोडाश कहा गया है। विभिन्न मिट्टी के कपाळ (खपटे) पर रखकर यज्ञों में देवताओं के लिये पुरोडाश पकाया जाता था। पुरोडाश के लिये पीसे गये अन्न को पिष्ट (पिट्ठी) कहने के कारण इसे पिष्ट पशु भी कहते हैं। मनु और श्रद्धा के एक सन्दर्भ में पाकयज्ञ स्थल पर मित्रावरुण देवों की उपस्थिति में ग्रीष्म ऋतु को अग्नि और शरद ऋतु को पुरोडाश माना गया है।


प्रश्न 4: पर्यावरण
मांसाहार पर्यावरण के लिये एक बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। इसके प्रमुख दुष्प्रभाव निम्न हैं
 क) वन विनाश घ) जलवायु प्रदूषण ख) खाद्यान्न की कमी त) हिंसक प्रवृत्ति का सामान्यीकरण ग) बिजली और पानी की बर्बादी थ) मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है
उत्तर: मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है।

प्रश्न 5: स्वास्थ्य
शरीर में, प्रयोगशाला में और मृदा में पाये जाने वाले बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित विटामिन बी12 के प्रमुख ज्ञात शाकाहारी स्रोत निम्न हैं:
क) पनीर घ) मट्ठा ख) दूध त) T-6635+ खमीर ग) दही थ) उपरोक्त सभी
उत्तर:विटामिन बी12 बैक्टीरिया द्वारा संश्लेषित होता है और प्राणियों के पाचन तंत्र के अतिरिक्त उपरोक्त सभी शाकाहारी तत्व भी विटामिन बी12 के ज्ञात स्रोत हैं।

प्रश्न 6: क्रीड़ा, स्पोर्ट्स
1 अप्रैल 1911 को जलन्धर, भारत में जन्मे शतायु मैराथन धावक सन् 1992 से लंडन में रहते हैं। उनकी जीवनी का शीर्षक "द टर्बन्ड टॉर्नेडो" है। अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत का यह शाकाहारी नायक दाल, सब्ज़ी, और फुल्कों के अतिरिक्त दूध, दही और सोंठ का मुरीद हैं। 5 फ़ुट 11 इंच ऊंचाई और 52 किलो भार वाले इस शाकाहारी शतायु युवा धावक का नाम क्या है?
उत्तर: विश्व के सबसे उम्रदराज़ मैराथन धावक फ़ौजा सिंह शुद्ध शाकाहारी हैं। उनके बारे में विस्तृत जानकारी निरामिष के आलेख "चैम्पियन शतायु धावक" में उपलब्ध है।
प्रथम शाकाहार प्रहेलिका 2012 के पुरस्कार
प्रथम पुरस्कार: 2,500 रुपये की पुस्तकें और प्रमाणपत्र
द्वितीय पुरस्कार: 1,500 रुपये की पुस्तकें और प्रमाणपत्र
तृतीय पुरस्कार: 500 रुपये की पुस्तकें और प्रमाणपत्र
लगता है कि हमारी पहली पहेली कुछ ज़्यादा ही कठिन हो गयी थी। किसी भी पाठक ने सभी छः प्रश्नों का सही उत्तर नहीं दिया, इसलिये इस बार का प्रथम पुरस्कार अनक्लेम्ड रहा है। फिर भी हमें दो विजेता मिले हैं। शिल्पा मेहता ने चार सही उत्तर देकर तृतीय पुरस्कार और अभिषेक ओझा ने पाँच सही उत्तर देकर द्वितीय पुरस्कार प्राप्त किया है। निरामिष सम्पादक मंडल की ओर से इन दोनों को हार्दिक बधाई और धन्यवाद!
प्रथम शाकाहार प्रहेलिका 2012 के विजेता
तृतीय विजेता: शिल्पा मेहता
(500 रुपये की पुस्तकें, प्रमाणपत्र और निरामिष ब्लॉग पर लेखन का आमंत्रण)
द्वितीय विजेता: अभिषेक ओझा
(1,500 रुपये की पुस्तकें, प्रमाणपत्र और निरामिष ब्लॉग पर लेखन का आमंत्रण)
प्रथम पुरस्कार: कोई विजेता नहीं
हमारे पाठक ही हमारे लिये असली विजेता हैं। आप सभी पाठकों का हार्दिक धन्यवाद! मकर संक्रांति, भोगाली बिहू, भोगी, सुग्गी, बोर नहान, तिलगुल, लोहड़ी, पोंगल, उत्तरायणी पर्व की हार्दिक बधाइयाँ!
(निवेदक: निरामिष सम्पादक मंडल)

गुरुवार, 5 जनवरी 2012

निरामिष शाकाहार प्रहेलिका 2012

निरामिष के सभी पाठकों व हितैषियों को नववर्ष 2012 की शुभकामनायें! पता ही नहीं चला कि आपसे बात करते-करते कब एक वर्ष बीत गया। शाकाहार, करुणा, और जीवदया मे आपकी रुचि के कारण ही इस अल्पकाल में निरामिष ब्लॉग ने इतनी प्रगति की। एक वर्ष के अंतराल में ही हमारे नियमित पाठकों की संख्या हमारे अनुमान से कहीं अधिक हो गयी है और लगातार बढती जा रही है। इस ब्लॉग पर हम शाकाहार के सभी पक्षों को वैज्ञानिक, स्वास्थ सम्बन्धी, धार्मिक, मानवीय विश्लेषण करके तथ्यों के प्रकाश में सामने रखते हैं ताकि ज्ञानी पाठक अपने विवेक का प्रयोग करके शाकाहार का निष्पाप मार्ग चुनकर संतुष्ट हों।

हमारे पाठक ब्लॉगर श्री सतीश सक्सेना जी, डॉ रूपचन्द शास्त्री जी, राकेश कुमार जी, रेखा जी, वाणी गीत जी, मदन शर्मा जी, तरूण भारतीय जी, सवाईसिंह जी, पटाली द विलेज, संदीप पंवार जी, कुमार राधारमण जी का प्रोत्साहन के लिए आभार व्यक्त करते है।

हमारे सुदृढ़ स्तम्भ, विशेषकर सर्वश्री विरेन्द्र सिंह चौहान, गौरव अग्रवाल, डॉ मोनिका शर्मा, शिल्पा मेहता, आलोक मोहन, प्रश्नवादी  जैसे समर्थकों का विशेषरूप से आभार व्यक्त करना चाहते हैं जिन्होंने लेखकमण्डल से बाहर रहते हुए भी हमें भरपूर समर्थन दिया है। हमारे एक जोशीले पाठक ने निरामिष ब्लॉग के सामने शाकाहार के विरोध में कई भ्रांतियाँ और चुनौतियाँ रखीं। डॉ. अनवर जमाल द्वारा पोषण, शाकाहार, और भारतीय संस्कृति और परम्पराओं के सम्बन्ध में प्रस्तुत प्रश्नों ने हमें प्रचलित बहुत सी भ्रांतियों को दूर करने का अवसर प्रदान किया। मांसाहार की बुराइयों को उद्घाटित करने और उनके मन में पल रहे भ्रम के बारे में जानने के कारण हमें शाकाहार सम्बन्धी विषयों की वैज्ञानिक और तथ्यात्मक जानकारी प्रस्तुत करने में अपनी प्राथमिकतायें चुनने में आसानी हुई। आशा है कि वे हमें भविष्य में भी झूठे प्रचार की कलई खोलने के अवसर इसी प्रकार प्रदान करते रहेंगे।

पहेली की ओर आगे बढने से पहले हम अभिनन्दन करना चाहते हैं उन सभी महानुभावों का जिन्होने गतवर्ष शाकाहार अपनाकर हमारे प्रयास को बल दिया:
* दीप पांडेय
* इम्तियाज़ हुसैन
* कुमार राधारमण
* शिल्पा मेहता


अपनी पहली वर्षगांठ के अवसर पर आज हम आपका आभार व्यक्त करना चाहते हैं, एक छोटे से आयोजन के साथ। आइये, हल करते हैं आज की निरामिष पहेली अपने निराले शाकाहारी, सात्विक अन्दाज़ में। केवल कुछ सरल प्रश्न और बहुत से पुरस्कार। हमारा प्रयास है कि इस प्रतियोगिता में सम्मिलित प्रश्नों के उत्तर या उनके संकेत आपको निरामिष ब्लॉग की पिछली प्रविष्टियों व टिप्पणियों में मिल जायें।
प्रथम निरामिष शाकाहार पहेली
प्रश्न 1: निरामिष स्वर

ज़रा ध्यान से सुनिये यह आवाज़। भारतीय सिने जगत से जुड़ी यह अभिनेत्री जन्म से मांसाहारी थी। अपने परिवार, आस-पड़ोस में इन्होंने पशुहत्या और मांसाहार ही होते देखा था। लेकिन जैसे ही इन्हें अवसर मिला, इस हस्ती ने अहिंसा और दया के महत्व को पहचाना और शाकाहारी जीवन अपनाया, ज़रा पहचानिए तो इस आवाज़ को, और लिख दीजिये इनका नाम - टिप्पणी बक्से में:


प्रश्न 2: निरामिष चित्र
इस श्वेत-श्याम चित्र को ध्यान से देखिए। इसमें अमेरिका में अहिंसक परिवर्तन के प्रणेता, प्रसिद्ध मानवाधिकार कार्यकर्ता और गान्धीवादी मार्टिन लूथर किंग जूनियर को तो आपने ज़रूर ही पहचान लिया होगा। हमारा प्रश्न है कि उनके आगे खड़ी ये प्रसिद्ध शाकाहारी अमेरिकी महिला कौन हैं और किस कार्य के लिये विश्वप्रसिद्ध हैं? संकेत यह है कि यह शाकाहारी महिला अमेरिका में एक क्रांति की सूत्रधार बनीं। यद्यपि अपने उद्देश्य पर अड़े रहने के लिये आरम्भ में उन्हें काफ़ी कष्ट सहने पड़े, पर समय बीतने के साथ संसार ने मानवता के प्रति इनके आग्रह को समझा और इन्हें बहुत सम्मान मिला। आज यह महान हस्ती इस संसार में नहीं हैं परंतु आप इनसे न्यूयॉर्क के मैडम तुसाद वैक्स म्यूज़ियम में आज भी मिल सकते हैं। इनका नाम और इनकी प्रसिद्धि का कारण हमारे टिप्पणी बक्से में लिख दीजिये और इस प्रतियोगिता का विजेता बनने की ओर अपना दावा सशक्त कीजिये।

सभ्यता के प्रसार से पहले की कबीलाई संस्कृतियों में न केवल पशु, बल्कि मानव भी सुरक्षित नहीं थे। नरभक्षी कबीले तो इंसान को भी खा जाते थे, बहुत से कबीले बलि के नाम पर पशु हत्या को धर्म का नाम देते थे। जब ऋषियों ने देवपूजा का नया मार्ग प्रस्तुत किया जिसमें यज्ञ की अग्नि में अन्न व औषधियों की समिधा दी जाने लगी, तब आसुरी व राक्षसी शक्तियों ने पशुमांस व अस्थियाँ डाल-डालकर ऐसे यज्ञों का ध्वंस आरम्भ किया और विरोध करने वाले ऋषियों का अपमान, त्रास व हत्या करने लगे। पहले से पशुबलि में लिप्त रहे समुदायों के उत्थान और समन्वयीकरण के उद्देश्य से हमारे ऋषियों द्वारा किये जाने वाले कई निरामिष यज्ञों में अन्न का बना पशु भी प्रयोग किया जाता था।

प्रश्न 3: वैदिक यज्ञ
क्या आप बता सकते हैं कि विभिन्न प्रकार के अन्न यथा जौ, चावल, तिल के साथ अन्य पदार्थ गुड़, सोमरस, घी आदि मिलाकर बने इस वास्तविक जैसे लगने वाले यज्ञ-पशु को क्या कहते हैं?

धरती की बढती पर्यावरण समस्या ग्रीन हाउस गैसों की वृद्धि में 18 प्रतिशत का योगदान मांस उद्योग के लिये किये जा रहे पशुपालन का है जो कि परिवहन क्षेत्र से भी अधिक है। वध किये जाने वाले पशुओं के चरागाह और पशु आहार की खेती के लिए दुनिया भर में वनों को काटा जा रहा है। केवल लैटिन अमेरिका में ही बूचड़खनों द्वारा 70% वन भूमि को चरागाह में बदल दिया गया है। वृक्ष कार्बन डाइऑक्साइड के अवशोषक होते हैं। उनकी कमी से वायुमंडल में कार्बन डाइऑक्साइड की मात्रा बढ़ती है और तापमान में बढ़ोतरी होती है। बूचड़खानों द्वारा छोड़े पशु-अवशेष से नाइट्रस ऑक्साइड नामक ग्रीनहाउस गैस निकलती है जो कि कार्बन डाइऑक्साइड की तुलना में 296 गुना जहरीली है। इस प्रकार हम देखते हैं कि शाकाहारी भोजन प्रकृति और पर्यावरण की सुरक्षा के लिये भी आवश्यक है। हमारी एक पुरानी पोस्ट से लिया गया आज का चौथा सवाल पर्यावरण से सम्बन्धित है।

प्रश्न 4: पर्यावरण
मांसाहार पर्यावरण के लिये एक बड़ा खतरा बनकर सामने आया है। इसके प्रमुख दुष्प्रभाव निम्न हैं
क) वन विनाशघ) जलवायु प्रदूषण
ख) खाद्यान्न की कमीत) हिंसक प्रवृत्ति का सामान्यीकरण
ग) बिजली और पानी की बर्बादीथ) मांसाहार उपरोक्त सभी हानियों का कारक है

ब्रिटेन में कई दशकों तक 11,207 व्यक्तियों पर किये गये अध्ययन से ज्ञात हुआ कि सर्वोच्च बुद्धि अंक (आइक्यू, IQ) वाले बच्चे 30 वर्ष की आयु से पहले ही शाकाहारी हो गये। इसके अतिरिक्त शाकाहारियों के दीर्घायु होने की बात भी अनेक अध्ययनों द्वारा स्थापित हुई है। सर्वज्ञात है कि भारत में हृदय से जुड़ी बीमारियाँ, मधुमेह और कैंसर के मामले बड़ी तेजी से बढ़ रहे हैं और इसका सीधा संबंध अंडों, मांस आदि की बढ़ती खपत से है। भारत में तेजी से बढ़ रहे मधुमेह टाइप 2 से पीड़ित लोग शाकाहार अपना कर इस बीमारी पर नियंत्रण पा सकते हैं और अपना मोटापा भी घटा सकते हैं। शाकाहारी खाने में कोलेस्ट्राल बिल्कुल नहीं होता, वसा कम होती है, और यह कैंसर के खतरे को 40% कम करता है। स्वास्थ्य और शाकाहार के सम्बन्ध में अब प्रस्तुत है हमारा पाँचवाँ प्रश्न:

प्रश्न 5: स्वास्थ्य
शरीर में, प्रयोगशाला में और मृदा में पाये जाने वाले बैक्टीरिया दारा संश्लेषित विटामिन बी12 के प्रमुख ज्ञात शाकाहारी स्रोत निम्न हैं:
क) पनीरघ) मट्ठा
ख) दूधत) T-6635+ खमीर
ग) दहीथ) उपरोक्त सभी

आधुनिक खेल जगत स्वास्थ्य, पोषण व चिकित्सा के क्षेत्र में नवीनतम जानकारियों और सर्वश्रेष्ठ तकनीक का प्रयोग करने में सर्वप्रथम रहा है। टेनिस सितारा मार्टिना नवरातिलोवा, विश्व हैंगग्लाइडिंग चैम्पियन जूडी लेडेन, विंडसर्फ़िंग के विश्व चैम्पियन जटा म्युलर, कुश्ती के विश्व चैम्पियन क्रिस कैम्पबेल तथा 9 ओलम्पिक स्वर्ण विजेता व 8 विश्व-चैम्पियनशिप विजेता एथलीट कार्ल लुइस जैसे अग्रणी महा-खिलाड़ियों ने भारत के बाहर भी सम्पूर्ण विश्व में शाकाहार का लोहा मनवाया है। आज का अंतिम प्रश्न खेल जगत से सम्बन्धित है।

प्रश्न 6: क्रीड़ा, स्पोर्ट्स
खेल सामग्री निर्माता ऐडीडाज़ के विज्ञापनों में फ़ुटबाल खिलाड़ी डेविड बैकहम को हटाकर नये पोस्टर बॉय बनने वाले शतायु मैराथन धावक 1 अप्रैल 1911 को जलन्धर, भारत में जन्मे थे और सन् 1992 से लंडन में रहते हैं। उनकी जीवनी का शीर्षक "द टर्बन्ड टॉर्नेडो" अर्थात "पगड़ी वाला चक्रवात" है। अंतर्राष्ट्रीय खेल जगत का यह शाकाहारी नायक दाल, सब्ज़ी, और फुल्कों के अतिरिक्त दूध, दही और सोंठ का मुरीद हैं। क्या आप 5 फ़ुट 11 इंच ऊंचाई और 52 किलो भार वाले इस शाकाहारी शतायु युवा धावक का नाम बता सकते हैं?

प्रतियोगिता में भाग लेने के नियम....

1. आपको जितने प्रश्नों के उत्तर पता हैं, उन्हें टिप्पणी बॉक्स में लिखकर प्रतियोगिता में भाग ले सकते हैं।
2. प्रतियोगिता पूरी होने तक मॉडरेशन ऑन है ताकि आपके सही/ग़लत उत्तर किसी अन्य व्यक्ति को दिखाई न दें।
तो अब ध्यान लगाइए और जल्दी से हमारे टिप्पणी बॉक्स में अपने उत्तर लिख दीजिए।

(निवेदक: निरामिष सम्पादक मंडल)
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