शनिवार, 22 अक्तूबर 2011

इम्तियाज़ की 'युवा पहल' करूणा का 'आलोक' और जीवों की 'आशीष'

अभिनन्दन!!इम्तियाज़ भाई, 

इस रहमदिल संकल्प के लिए,

जीवों को अभयदान देने के लिए,

आपकी करूणा भरी सम्वेदनाओं के लिए।


सुनियोजित सुदृढ़ता के साथ माँसाहार त्याग के लिए॥


इम्तियाज़ की 'युवा पहल' करूणा का 'आलोक' और निरीह जीवों की 'आशीष'

मित्रों,

आलोक मोहनजी  निरामिष समर्थक है, उन्होनें पहले भी अपने मित्र आशीष जी को शाकाहार के प्रति जाग्रत किया था। और आशीष जी ने भी जीवदया के वशीभूत मांसाहार का सर्वदा त्याग कर निरीह प्राणियों को अभयदान दिया था। यह कहते हुए कि-""अपने स्वाद के लिए मासूम  जीवों  की हत्या गलत है, पाप है" 

पिछले दिनों ब्लॉग "युवा पहल" पर  उत्तरप्रदेश में स्थापित होने जा रहे स्वचलित कत्लखानों के विरोध में एक पोस्ट लगायी जिसमें जीवहिंसा के विरोध स्वरूप  05223095743 नम्बर पर मिसकॉल करने का अनुरोध था। इस आलेख पर हुई चर्चा के परिणामस्वरूप आदरणीय इम्तियाज़ भाई नें पहले स्वयं चिंतन किया, मात्र कथनी नहीं करके बतानें का संकल्प लिया। प्रथम स्वयं के मनोबल को मजबूत किया और माँसाहार त्याग का प्रण लिया।

आप देखिए वह चर्चा……

इम्तियाज़ भाई हम आपका सम्मान करते है, अल्लाह आपको इस संकल्प पर दृढ़ रहने की शक्ति प्रदान करे।
जो प्राणियों पर रहम करता है, अल्लाह अवश्य उस पर रहम करते है। आमीन!!

13 टिप्‍पणियां:

  1. इम्तियाज़ भाई को मेरा प्रणाम! जीवदया, करुणा और प्रेम के चुनाव के लिये उनका उठाया गया यह कदम अनुकरणीय है। हमें आशा है कि उनकी इस पहल से बहुत सी आँखें खुलेंगी।

    आलोक मोहन जी और आशीष शाक्य जी का समर्पण वन्दनीय है।

    इस जानकारी के लिये आपका आभार!

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  2. इम्तियाज़ भाई,
    आपका निर्णय सुखद लगा| सच में आपने मन जीत लिया| इश्वर ज़रूर आपको इतनी शक्ति देगा की आप अपने निर्णय पर डटे रहें|

    आदरणीय भाई सुज्ञ जी, इम्तियाज़ भाई से परिचित करवाने के लिए आपका बहुत बहुत धन्यवाद|

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  3. इम्तियाज़ जी को मेरा प्रणाम.....!

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  4. इम्तियाज़ भाई ,
    मान गए आपको , मेरा भी प्रणाम स्वीकार करें
    आलोक मोहन जी और आशीष शाक्य जी का समर्पण वन्दनीय है।
    मित्र इम्तियाज़ से परिचय करवाने के लिए सुज्ञ जी का आभार
    ब्लॉगजगत में ह्रदय परिवर्तन की दूसरी सुखद जानकारी प्राप्त हुयी है ...
    आगे भी इन्तजार रहेगा

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  5. गौरव जी,
    प्रथम घटना में आपका योगदान स्तुत्य था। आपके सद्प्रयत्नों से दीप जी का हृदय परिवर्तन हुआ था। आपका योगदान भी वन्दनीय है।

    निरामिष: ‘विचार-शून्य’ का निष्पक्ष निर्पेक्ष ‘विचार-मंथन’

    इम्तियाज़ भाई को पुनः बधाईयां।

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  6. जी सुज्ञ जी, गौरव तो निरामिष अभियान के पायनियर ही हैं। इस मौके पर उनके योगदान का स्मरण कराने का धन्यवाद!

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  7. पञ्च दिवसीय दीपोत्सव पर आप को हार्दिक शुभकामनाएं ! ईश्वर आपको और आपके कुटुंब को संपन्न व स्वस्थ रखें !
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    "आइये प्रदुषण मुक्त दिवाली मनाएं, पटाखे ना चलायें"

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  8. अहिंसा परमो धर्मः
    बहुत अच्छा सकारात्मक कदम
    बहुत अच्छी पोस्ट
    आपको और आपके परिवार को दीपावली की मंगल शुभकामनाएँ !

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  9. दीपावली के शुभ अवसर पर निरामिष के सभी लेखकों व पाठकों को परिजनों और मित्रों सहित बहुत-बहुत बधाई। ईश्वर से प्रार्थना है कि वह प्रेम, ज्ञान और करुणा के आलोक से आपका जीवन आनंदमय करे!
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    साल की सबसे अंधेरी रात में*
    दीप इक जलता हुआ बस हाथ में
    लेकर चलें करने धरा ज्योतिर्मयी

    बन्द कर खाते बुरी बातों के हम
    भूल कर के घाव उन घातों के हम
    समझें सभी तकरार को बीती हुई

    कड़वाहटों को छोड़ कर पीछे कहीं
    अपना-पराया भूल कर झगडे सभी
    प्रेम की गढ लें इमारत इक नई

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  10. अनुराग ज़ी आपको भी शुभकामनाएं
    साथ ही मेरी तरफ से निरामिष के सभी लेखकों,पाठकों, परिजनों सहित मित्रों को ज्योतिपर्व की मंगलकामनाएं।
    आपके ज्ञान, प्रेम,वात्सल्य और करूणा की ज्योति सदैव प्रजवल्लित रहे।
    आभार सहित!!

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  11. इस हौंसला अफ़ज़ाई के लिए आप सभी लोगों का बहुत बहुत शुक्रिया...

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  12. इम्तिहाज़ जी का पूरा प्रकरण अभी पढ़ा और यह जानकर मन बहुत प्रसन्न हुआ कि हमारे 'आहार परिवार' में एक सदस्य और शामिल हुआ. दो महीने बाद इम्तिहाज़ जी को उनके संकल्प में दृढता बनी रहने के लिये शुभकामना देता हूँ.

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